उत्तराखंड का सामान्य ज्ञान Part-6

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उत्तराखंड का सामान्य ज्ञान Part-6

उत्तराखंड का सामान्य ज्ञान Pdf-6  सभी कॉम्पीटिशन जैसेः Banking ,SSC ,Police ,Army Navey आदि एग्जाम के समान्य ज्ञान के सेक्शन के अन्दर सभी राज्य की समान्य ज्ञान से सम्बंधित से प्रश्न ही पूछे जाते है और यदि कोई भी उत्तराखंड पुलिस या कोई राज्य लेवल का एग्जाम है उसके अन्दर सबसे ज्यादा राज्य से सम्बंधित सामान्य ज्ञान के प्रश्न पूछते है जैसेः राज्य की जनसँख्या ,राजभाषा ,राजधानी आदि से सबंधित बहुत से प्रश्न बनते है इसलिए कोई भी उमीदवार जो किसी कॉम्पीटिशन एग्जाम कि तैयारी कर रहा है उसे सभी राज्य समान्य ज्ञान से सम्बंधित से रिलेटेड जानकारी होनी चाहिए तभी वाह समान्य ज्ञान के सेक्शन को अच्छी तरह से और जल्दी कर सकता है तो आज हम उत्तराखंड के प्रमुख ग्लेशियर (हिमनद ) से सम्बंधित कुछ महत्वपूर्ण  जानकारी देंगे जो अक्सर एग्जाम में पूछे जाते है|

उत्तराखंड के प्रमुख ग्लेशियर (हिमनद ) (Glaciers of Uttarakhand)

  • राज्य के प्रमुख हिमनदों में गंगोत्री, यमुनोत्री, पिण्डर, खतलिगं, मिलम, जौलिंकांग, सुन्दर ढूंगा इत्यादि आते हैं।

मिलम ग्लेशियर (Milam Glacier)

  • मिलम ग्लेशियर पिथोरागढ़ जनपद के मुनस्यारी में स्थित है इसकी लम्बाई  16 किमी है
    मिलम ग्लेशियर कुमाऊं का सबसे बड़ा ग्लेशियर  है , इस ग्लेशियर से पिंडर की सहायक नदी मिलम व काली की सहायक नदी गोरीगंगा निकलती है

गंगोत्री ग्लेशियर (Gangotri Glacier)

  • गंगोत्री ग्लेशियर उत्तरकाशी जनपद में स्थित है यह उत्तराखंड का सबसे बड़ा हिमनद है , यह 30 किमी लम्बा एवं 2 किमी चौड़ा है
    गंगोत्री हिमनद के गोमुख नमक स्थान से भागीरथी नदी निकलती है

पिण्डारी ग्लेशियर ( Pindari Glacier)

  • पिंडारी ग्लेशियर बागेश्वर तथा चमोली जनपद में स्थित है इस ग्लेशियर की लम्बाई 30 किमी तथा चौड़ाई 400 मीटर है

बंदरपुंछ ग्लेशियर (Bandarpunch Glacier)

  • बंदरपूंछ ग्लेशियर उत्तरकाशी जनपद में बन्दरपुंछ पर्वत श्रेणी पर स्थित है इसकी लम्बाई 12 किमी है

 चौराबाड़ी ग्लेशियर (Chaurabadi Glacier)

  • चौराबाड़ी ग्लेशियर केदारनाथ से 3 किमी की दूरी पर स्थित है इस हिमनद से मन्दाकिनी नदी निकलती है

 खतलिंग हिमनद (Khatling Glacier)

  • खतलिंग ग्लेशियर केदारनाथ से 10 किमी की दूरी पर स्थित है यहाँ से भिलंगना नदी निकलती है |

कुछ अन्य ग्लेशियर

  • खतलिंग ग्लेशियर – टिहरी और रुद्रप्रयाग
  • दूनागिरी ग्लेशियर – चमोली
  • सतोपंथ ग्लेशियर – चमोली
  • भागीरथी ग्लेशियर – चमोली
  • हिपराबमक ग्लेशियर – चमोली
  • मिलम ग्लेशियर – पिथोरागढ़
  • काली ग्लेशियर – पिथोरागढ़
  • हीरामणि ग्लेशियर – पिथोरागढ़
  • नामिक ग्लेशियर – पिथोरागढ़
  • पिनौरा ग्लेशियर – पिथोरागढ़
  • रालम ग्लेशियर – पिथोरागढ़
  • पोटिंग ग्लेशियर – पिथोरागढ़
  • पिंडारी ग्लेशियर – बागेश्वर
  • सुखराम ग्लेशियर – बागेश्वर
  • सुन्दरढुंगा ग्लेशियर – बागेश्वर
  • कफनी ग्लेशियर – बागेश्वर
  • मैकतोली ग्लेशियर – बागेश्वर
  • यमुनोत्री ग्लेशियर – उत्तरकाशी
  • गंगोत्री ग्लेशियर – उत्तरकाशी
  • बन्दरपूंछ ग्लेशियर – उत्तरकाशी
  • डोरियानी ग्लेशियर – उत्तरकाशी
  • चौराबाड़ी ग्लेशियर – रुद्रप्रयाग
  • केदारनाथ ग्लेशियर – रुद्रप्रयाग

उत्तराखंड के प्रमुख बुग्याल

उत्तराखण्ड के गढ़वाल हिमालय में हिमशिखरों की तलहटी में जहाँ टिम्बर रेखा (यानी पेडों की पंक्तियाँ) समाप्त हो जाती हैं, वहाँ से हरे मखमली घास के मैदान आरम्भ होने लगते हैं। आमतौर पर ये 8 से 10 हजार फीट की ऊँचाई पर स्थित होते हैं। गढ़वाल हिमालय में इन मैदानों को बुग्याल कहा जाता है।

बुग्याल हिम रेखा और वृक्ष रेखा के बीच का क्षेत्र होता है। स्थानीय लोगों और मवेशियों के लिए ये चरागाह का काम देते हैं तो बंजारों, घुमन्तुओं और ट्रैकिंग के शौकीनों के लिए आराम की जगह व कैम्पसाइट का। गर्मियों की मखमली घास पर सर्दियों में जब बर्फ़ की सफेद चादर बिछ जाती है तो ये बुग्याल स्कीइंग और अन्य बर्फ़ानी खेलों का अड्डा बन जाते हैं। गढ़वाल के लगभग हर ट्रैकिंग रूट पर इस प्रकार के बुग्याल मिल जाएंगे। कई बुग्याल तो इतने लोकप्रिय हो चुके हैं कि अपने आप में पर्यटकों का आकर्षण बन चुके हैं। जब बर्फ़ पिघल चुकी होती है तो बरसात में नहाए वातावरण में हरियाली छाई रहती है। पर्वत और घाटियां भान्ति-भान्ति के फूलों और वनस्पतियों से लकदक रहती हैं। अपनी विविधता, जटिलता और सुंदरता के कारण ही ये बुग्याल घुमक्कडी के शौकीनों के लिए हमेशा से आकर्षण का केन्द्र रहे हैं। मीलों तक फैले मखमली घास के इन ढलुआ मैदानों पर विश्वभर से प्रकृति प्रेमी सैर करने पहुँचते हैं।

फूलों की घाटी (Valley of flowers)

  • फूलों की घाटी चमोली जिले में जोशीमठ -बद्रीनाथ मार्ग पर नर एवं गंध मादन पर्वतो के बीच में भ्युंडार घाटी में स्थित है , फूलों की घाटी की खोज सन 1931 में ब्रिटिश पर्वतारोही फ्रैंक सिडनी स्माइथ ने की , उन्होंने यहाँ अपने साथी होल्ड्सवर्थ  की सहायता से फूलो की  250 किस्मो का पता लगाकर 1947 में अपनी पुस्तक फूलों की घाटी (Valley of flowers) में प्रकाशित किया|
    वर्ष 2005 में फूलों की घाटी को विश्व धरोहर में सामिल किया गया |

औली

  • औली उत्तराखंड के चमोली जनपद में जोशीमठ से 15 किमी की दूरी पर स्थित है यह शीतकालीन हिम क्रीडाओं , स्कीइंग के लिए प्रसिद्ध है

बेदनी बुग्याल

  • बेदिनी बुग्याल चमोली जनपद में स्थित उत्तराखंड का सबसे बड़ा बुग्याल है इसे वेदों का रचना स्थल माना जाता है यह मखमली घास के लिए प्रसिद्ध है|

हर की दून

  • यह बुग्याल उत्तरकाशी जनपद में स्थित है यहाँ टोंस नदी का उदगम स्थल है

कुछ अन्य बुग्याल

  1. कोरा खर्क – चमोली
  2. भेटी बुग्याल – चमोली
  3. तपोवन – उत्तरकाशी
  4. सतोपंथ – चमोली
  5. कैला बुग्याल – चमोली
  6. पवांली कांठा – टिहरी
  7. बर्मी बुग्याल – उत्तरकाशी
  8. लक्ष्मी वन – चमोली
  9. दयारा – उत्तरकाशी
  10. बागची बुग्याल – चमोली
  11. राज खर्क – चमोली
  12. बर्मी – रुद्रप्रयाग
  13. खादू खर्क – चमोली
  14. डांग खर्क – चमोली
  15. हुण्या बुग्याल – चमोली
  16. अविन खर्क – चमोली
  17. चोपता – रुद्रप्रयाग
  18. सुथिंग – चमोली
  19. जली सेरा – चमोली
  20. मनपे – चमोली
  21. नंदनकानन – चमोली
  22. रातकोण – चमोली
  23. दूधातोली – चमोली व पौड़ी
  24. लाता खर्क – चमोली
  25. पातर नाचाैणियां – चमोली
  26. देवदामिनी – उत्तरकाशी
  27. कफनी – बागेश्वर
  28. जौराई – टिहरी
  29. मनणी बुग्याल – चमोली
  30. चौमासी – चमोली
  31. केदार खर्क – उत्तरकाशी
  32. कसनी खर्क – रुद्रप्रयाग

उत्तराखण्ड – प्रमुख दर्रे

पहाडियों एव पर्वतिय क्षेत्रों में पाए जाने वाले आवागमन के प्राकृतिक मार्गों को दर्रा कहा जाता हैं।

  1. चम्पावत-पिथौरागढ – लासपा
  2. उत्तरकाशी-हिमांचल प्रदेश – श्रृंगकंठ
  3. पिथौरागढ़-तिब्बत – लिपुलेख, दारमा
  4. चमोली-तिब्बत – नीती, किंगरी-बिंगरी, माणा-डूंगरी ला, बालचा, घाटरलिया, कोई, म्यूंडार, शलशला, तन्जुन, चोरहोती, लमलंग
  5. दारमा-व्यास घाटी – सिनला
  6. चमोली-पिथौरागढ – बाराहोती, मार्चयोग, टोपीधुंगा, लातुधुरा
  7. बागेश्वर-पिथौरागढ – ट्रेल पास
  8. बागेश्वर-चमोली – सुंदरढुंगा
  9. रकाशी-चमोली – कालिंदी
  10. उत्तरकाशी-तिब्बत – थागला, मुलिंगला, नेलंग, सागचोकला

हमने इस पोस्ट में उत्तराखंड का सबसे बड़ा बुग्याल बुग्याल क्या है उत्तराखंड बुग्याल बुग्याल किसे कहते है दायरा बुग्याल बेदिनी बुग्याल चोपता बुग्याल दयारा बुग्याल ,सतोपंथ ग्लेशियर मिलम ग्लेशियर सतोपंथ हिमनद मिलाम ग्लेशियर कफनी ग्लेशियर खतलिंग ग्लेशियर भारत का सबसे बड़ा हिमनद पिंडारी ग्लेशियर ,सिक्किम के दर्रे अरुणाचल प्रदेश के प्रमुख दर्रे माना दर्रा अरुणाचल प्रदेश के दर्रे लिपुलेख दर्रा उत्तराखंड के प्रमुख ग्लेशियर हिमाचल प्रदेश के दर्रे विश्व के प्रमुख दर्रे से संबंधित  जानकारी दी हैऔर आगे आने वाली परीक्षाओं में भी इनमें से काफी प्रश्न पूछे जा सकते हैं. तो इन्हें ध्यानपूर्वक पढ़ें. अगर इनके बारे में आपका कोई भी सवाल या सुझाव हो तो नीचे कमेंट करके पूछो और अगर आपको यह  जानकारी  फायदेमंद लगे तो अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करें.

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